४५ दिवसीय गहन ध्यान अनुष्ठान के दौरान पूज्य गुरुदेव ध्यान की उच्च अवस्था में रहते हैं और सभी साधकों का सूक्ष्म रूप से अवलोकन करते रहते हैं। समाज में स्रियों के प्रति पल रही उपेक्षा की भावना को ध्यान में रखते हुए, स्रियों की सार्वांगीण एवं आध्यात्मिक उन्नति हेतु पूज्य स्वामीजी ने अपने २००९ के ४५ दिवसीय गहन ध्यान अनुष्ठान के दौरान स्रियों को भीतर से सशक्त करने हेतु स्रियों को ध्यान के माध्यम से अंतर्मुख होकर अपने-आपको जानने हेतु विस्तृत रूप से मार्गदर्शन दिया है। उन्हीं संदेशों का संकलन इस पुस्तिका के म़ाध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
यह गहन ध्यान अनुष्ठान पूज्य गुरुदेव ने 'मातृशक्ति की आराधना' के अनुष्ठान के रूप में घोषित किया तथा सभी स्री शक्तियों को इस अनुष्ठान में शामिल होने के लिए आवाहन किया। आशा है, इन संदेशों के माध्यम से अधिक से अधिक स्रियों को मार्गदर्शन मिलेगा और वे इससे अवश्य लाभान्वित होंगी।